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रिश्तों के कसाई

                
                                                         
                            भीतर की भीड़ से भाग कर बाहर एकांत और तन्हाई ढूंढ़ते हैं
                                                                 
                            
घरके रिश्तोंसे बेवफ़ाई करके बाहरके राब्तों में वफ़ाई ढूंढ़ते हैं
यादों की क़त्ल करके अपनों को भुलाने का ईरादा रखने वाले
अपने ही अन्दर छुपा हुआ अपने ही रिश्तों का कसाई ढूंढ़ते हैं
-एन आर कस्वाँ
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एक महीने पहले

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