जो है उस को कम ढूंढते हैं
नहीं है उसको हम ढूंढ़ते हैं!
हमारे अन्दर सुकून भरा है
पर हम बाहर ग़म ढूंढ़ते हैं!
सरल और सहल है जीवन
हम पेच-ओ -ख़म ढूंढ़ते हैं!
-एन. आर. कस्वाँ