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मुसाफ़िरत

Nathuram Kaswan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बाजलोगों की बग़ैर मंज़िल-ए-मक़्सूद मुसाफ़िरत हुआ करती है
        
                                                    
                            
बीच राह किसी मोड़पर उनके सफ़र की आखिरत हुआ करती है

- एन आर कस्वाँ
3 घंटे पहले
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