अपनी खलकत अपनी सल्तनत के आप स्वयं जागीरदार हैं
कभी न भूलें कि आप अपनी कहानी के मरकज़ी किरदार हैं
ये बात दीगर है के आपका अपने सुकूँ परभी इख़्तियार नहीं
उसके रहम- ओ- करम से ही आप चैनो-अमन के हक़दार हैं
-एन.आर. कस्वाँ