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सूरज किसीका मोहताज नहीं खुद ही दहकता है!

Nathuram Kaswan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अपने ही दम-खम पर दहकता और चमकता है
        
                                                    
                            
सूरज किसीका मोहताज नहीं खुद ही दहकता है!

रंगो-बू नहीं किसी इन्सान के लिबास में ज़ाहिद
मशक़्क़त करने वालों का ही किरदार महकता है!
-एन. आर. कस्वाँ
3 घंटे पहले
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