रंज-ओ-मलाल में ही हयात के हालात-ए-हाल का पता चलता है
किसीके हिज़्रो-फ़िराक़ में उसके वस्लो-विसाल का पता चलता है!
जिस बात का ज़ुबाँ से बोल कर कहने से पता ना चल सके अगर
फिर ख़ामोशियों के शोर से उस बात के कमाल का पता चलता है!