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ज़िंदगी का पेचो-ख़म देखा

Nathuram Kaswan

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                            वक़्त को हर वक़्त बेरहम देखा
        
                                                    
                            
तन-मन पर उम्रका सितम देखा,
पल- पल बदलते हुए रंग- रूप
ज़िन्दगी का पेच-ओ-ख़म देखा!
-एन आर कस्वाँ
21 घंटे पहले
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