वक़्त को हर वक़्त बेरहम देखा
तन-मन पर उम्रका सितम देखा,
पल- पल बदलते हुए रंग- रूप
ज़िन्दगी का पेच-ओ-ख़म देखा!
-एन आर कस्वाँ
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