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जीना भी सजा

Nathuram Kaswan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जब जीने की न आरज़ू न वज़ाह होती है
        
                                                    
                            
वो कजा से भी बढ़कर भी सजा होती है
-एन आर कस्वाँ
एक महीने पहले
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