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हबीब का प्यार

Nathuram Kaswan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            फ़िराक़ो-फुर्क़त में मालूम हुई मंज़िलत ओ अहमियत वस्ले- यार की!
        
                                                    
                            
क़द्र न कर सके कभी वस्लो-विसाल में हम अपने हबीब के प्यार की!
-एन. आर. कस्वाँ
2 घंटे पहले
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