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चारासाज

Nathuram Kaswan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अगर पूछें वोह मिज़ाज कि कैसे हो आज
        
                                                    
                            
कह दें उनसे हाले-दिल मन के अपने राज
या फिर वही तंज कि आये हो पूछने वाले
हाल- चाल हमारा बन कर बड़े चारासाज
-एन आर कस्वाँ
2 महीने पहले
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