अगर पूछें वोह मिज़ाज कि कैसे हो आज
कह दें उनसे हाले-दिल मन के अपने राज
या फिर वही तंज कि आये हो पूछने वाले
हाल- चाल हमारा बन कर बड़े चारासाज
-एन आर कस्वाँ
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