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बदलने की सलाहियत

Nathuram Kaswan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            पहचानकर हालाते-हयात और वक़्त के लम्हात की
        
                                                    
                            
हक़ीक़त और असलियत बदल ले अपनी नीयत,
किसी के अक़्ल-मंद होने का पैमाना है उस की
खुदको बदल लेने की क़ाबिलियत और सलाहियत!
-एन आर कस्वाँ
एक महीने पहले
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