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अना आबरू

Nathuram Kaswan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            माना कि ताल्लुक़ रखना मज़बूरूरी है
        
                                                    
                            
मग़र उतना ही रखो जितना ज़रूरी है
जाहिल से ज़िल्लत कराना जरुरी नहीं
अपनी अना- आबरू बचाना ज़रूरी है
-एन आर कस्वाँ
2 महीने पहले
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