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मेरी तमन्ना

Naresh yadav

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हम उनसे दिल लगा बैठे,
        
                                                    
                            
फिर अपना उन्हें बना बैठे।
उन्हें बचाने के लिए एक बार,
फिर अपनी कश्ती डुबा बैठे।

उनकी हँसी को अपनी,
उनके सपनों को सजा बैठे।
उन्हें उजालों में लाने के लिए,
फिर अपना घर जला बैठ।

वो रहें सलामत इस जहां में,
उनकी खुशियों को बढ़ा बैठे।
उन्हें सितारों तक ले जाने के लिए,
फिर अपने को गिरा बैठे।

उनकी हर तमन्नाओं को अपनी,
उनकी जिन्दगी को महका बैठे।
उन्हें फूलों सी खिलने के लिए,
फिर अपने को माली बना बैठे।

रहे प्यार का नाम फिज़ा में,
उनकी उम्र को बढ़ा बैठे।
उन्हें आवाज़ सुनाई दे मंजिलों की,
फिर दिल की धड़कन दबा बैठे।

सकून से रहे जमाने में,
उनकी फिज़ा रंगीन कर बैठे।
उन्हें कोई बेवफा ना कह सके,
फिर धुआं अपने को बना बैठे,
फिर अपनी चिता सजा बैठे।

हम उनसे दिल लगा बैठे।


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