जीवन तो सब जीते है
सब की शैली अलग-अलग होती है
इस पृथ्वी में सब मां के कोख से पैदा होते हैं
मनुष्य जीवन को सार्थक करने केलिए
इस विश्व में स्वयं ईश्वर ने भी वेद और पुराणों
के माध्यम से राह सुझाएं है
उसका सहारा ले कर आगे बढ़ना चाहिए
जीवन को शक्ति बनाना चाहिए
उस शक्ति परोपकार में खर्च करना चाहिए
समाज के उत्थान और
जनशक्ति को सुदृढ करना चाहिए
अपने लिए जीना क्या जीना है?
मनुष्य अपने लिए, अपने परिवार के लिए जीता है
ऐसे व्यक्ति सिर्फ परिवार के लोग याद करेगें
जब आप समाज और देश के लिए काम करेगें
आपके इस दुनिया से जाने के बाद भी
आपके व्दारा किए गए कार्य आपकी याद दिलाएंगे
अपने जीवन में आप ही शक्ति प्रदान कर सकते हैं
जीवन तो सब जीतें है
आप जीवन शक्ति के साथ जीएं
और सबके लिए जीएं