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जीने का मजा

Naik prasad

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            इतने दुख हैं जहां में कि लोग जीने का मजा छोड़ दिए
        
                                                    
                            
बुद्ध ने संसार के दुखों निराकरण हेतु घर छोड़ दिए
ये क्या हुआ यारों, जीवन मे दुख-सुख लगा रहता है
कभी-कभार खुल कर जीवन का आनंद लेना चाहिए
जब तक जीवन है कठिनाईयां आती ही रहेंगी
कठिनाई के बाद कुछ सफलताएं मिलती रहेंगी
छोटे-छोटे सुख के पलों को एक छोटा समारोह
जैसे परिवार के किसी सदस्य के जन्म दिन को
उसके लिए यादगार और परिवार के लिए समारोह
उसी तरह किसी भी सदस्य विवाह वर्षगांठ भी
परिवार के सदस्यों के लिए बन गया समारोह
महिने के एक बार आस-पास के जगह में पिकनिक
का भी आयोजन किया जा सकता है
जीवन में दुख अपने-आप आ जाती है
खुशियों को खिंच कर लाईए
जीवन का आनंद लिजिए
2 महीने पहले
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