सच तो नारी है।
वो सबसे न्यारी है।
न मन न भाव पता है।
जन्म वो हम को देती है।
एक रुप एक नाम नारी हैं।
नीरज शब्दों में नारी लिखते हैं।
रिश्ते में हम सब पर भारी है।
जय हो नारी शक्ति पूजते हैं।
आधुनिक समय में नारी साथ हैं।
हर घर नारी अब हर नारी सच हैं।
हां समानता और सहयोग देना हैं।
सच और हालात के साथ नारी हैं।
-नीरज कुमार अग्रवाल