विज्ञापन

शीर्षक - काश ! शब्दों के मूल्य होते

N manglam

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            काश! शब्दों के मूल्य होते
        
                                                    
                            
हम सबको खरीदने होते
सच और झूठ फरेब होते
हम सब सोच अपनी रखते
काश! शब्दों के मूल्य होते
नीरज शब्दों जरुर लिखते
हां शब्दों को सहयोग करते
सच धर्म कर्म दान में देते
आज हम कलयुग कहते
शब्दों के न युग हम जानते
बस निशुल्क शब्द बोलते
न हम अर्थ और हालात
शब्दों को बोल हम देते
काश ! शब्दों के मूल्य होते......
-नीरज कुमार अग्रवाल
2 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Ramesh Raj

36 कविताएं

View Profile