है चाह हमें कुछ पाने की,
है चाह कुछ नाम कमाने की।
जग में अच्छे काम करें,
जग का ऊँचा नाम करें।।
है चाह हमें अभिलाषा की,
है चाह हमें नई भाषा की।
जग में नया हम काम करें,
जग का ऊँचा नाम करें।।
है चाह हमें कुछ करने की,
है चाह हमें आगे बढ़ने की।
इस जग की हम पहचान बनें,
भारत की हम शान बनें।।
है चाह हमें उन बागों की,
है चाह उस रेशम धागों की।
इस जग की हम पहचान बनें,
भारत की हम शान बनें।।