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उसकी बात (एक अंजाना शख़्स)

mursaleen fatma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            एक अंजाना शख़्स दिल को यूँ भा रहा है,
        
                                                    
                            
मिली नहीं हूँ कभी उससे,
फिर भी हर पल वही याद आ रहा है।

सुना है, वो बहुत बोलता है,
उसकी हर बात में नादानी है।
चलता है बड़े रौब से,
उसकी हर अदा मस्तानी है।

उसके बाल हैं घुँघराले-वरगे,
हवा भी उन पर ठहर-सी जाती है।
उसके जन्नत-ए-फ़िरदौस-सी ख़ुशबू,
फ़िज़ा में महक बिखेर जाती है।

मिज़ाज में उसके चंचलता है,
हर बात में शरारत करता है।
और कुछ नादानी हो जाए अगर,
तो ख़ुद को ही हिदायत करता है।

बातें उसकी मन मोह लेती हैं,
हर दिल को यूँ लुभाता है।
हर ओर है चर्चा उसका,
हर महफ़िल में मुस्कुराता है।

मन में ऐसी छवि बसी है,
जैसे सदियों से हम मिले हैं।
उसकी तारीफ़ के चर्चे देखो,
गली-गली, हर नुक्कड़ खिले हैं।

चेहरा कभी मैंने देखा नहीं,
फिर भी वही नज़र आ रहा है।
एक अंजाना शख़्स न जाने क्यों,
दिल को यूँ ही भा रहा है।।।।।
2 महीने पहले
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Manju Sharma

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