विज्ञापन

नारी पर कुछ मुक्तक

Mr. Teen_123

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            नए विहान का आगाज है
        
                                                    
                            
जीवन के संगीत का साज़ है 
यह वह पहलू है दुनिया का,
जिसपर सारी कायनात को नाज है 

कभी वह चांद सा मुखड़ा बन जाती है
कभी रोटी का टुकड़ा बन जाती है
उनके हौसलों की उड़ान की गवाह है दुनिया
कभी मिग , कभी चेतक, तो कभी,
राफेल की शान बन जाती है

आंसुओं से लिखी इबारत थी जो
बिना बुनियाद की इमारत थी जो
विकास के हर नक्शे पर वह आज छाई है
यह दौलत उसने शान से कमाई है
3 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all