विज्ञापन

वेदना तुझे नमन

Mon Bhattacharya

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तू हमारा हीरो है, तू हमारा भाई है,
        
                                                    
                            
तेरे ही दम पर, हमारी भारत-माई है|
तीनों जहां की खुशियां तुझ पर वारु,
तू क्षत्र-छाया बन खड़ा फिर रब को क्या निहारूं?


हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।


 
6 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Nathuram Kaswan

8653 कविताएं

View Profile

SATYENDRA KUMAR

117 कविताएं

View Profile