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तुम अपने से लगते हो

MOHD TASVIRUL ISLAM

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            दो कदम हम साथ चलें
        
                                                    
                            
एक अच्छी शुरुआत करें
बीती बातें भूला के हम
एक सच्ची आगाज करें

जीवन की राह बड़ी है कठिन
कदम कदम पर रोड़े हैं
चलना आसान हो जाये
चल ऐसी कुछ शुरुआत करें

दुनिया के हैं लोग फरेबी
सबने मेरे दिल को छला है
मेरे दिल मे बसने वाले
तुम अपने से लगते हो

दो पल की है ज़िन्दगानी
ना कर कोई नाफरमानी
दिल की है यह ख्वाहिश मेरी
साथ रह तू दिलबर जानी
2 वर्ष पहले
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