एक बात करनी तुमसे थी
उलझा तुमने बातों मे दिया
प्यार बहुत तुमसे करता था
अल्फाज को मेरे दबा ही दिया
कसक सी दिल मे उठती है
जब भी याद तुम्हारी आती है
चाहत और जज्बातों को
दिल से तुमने भुला ही दिया
चल जा रे पगली खुश रहना
मुझे याद ना तेरी आयेगी
ये कहते ही आँखों ने मेरे
नैनो से मोती गिरा ही दिया