दो पल की ज़िन्दगी है चल साथ साथ मेरे
कहीं हैं बहुत उजाले कहीं घुप बड़े अंधेरे
जीवन है एक है छाया ईश्वर की है ये माया
आ जी ले ज़िन्दगी को अब साथ साथ मेरे
जीवन है चार दिन का फिर मौत आ मिलेगी
सोचा हुआ सभी कुछ बस सोच में रहेगी
करना है आज कर ले तू संग संग मेरे
दो पल की ज़िन्दगी को जी ले तू साथ मेरे
मौत के आगे कोई हिसाब ना चलेगा
गहना ज़र जमीन का किताब ना चलेगा
बस दिल का सच्चा मुच्चा हिसाब ही चलेगा
सच्चाईयों के संग तू चल साथ साथ मेरे
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