विज्ञापन

दिल करता है मेरा

MOHD TASVIRUL ISLAM

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            दिल करता है मेरा मैं भी, आसमान मे उड़ जाऊँ
        
                                                    
                            
पँखो को फैला कर मैं, मीठे सपनों मे खो जाऊँ
चिडियों जैसे पंख फैला, घुमुं सारे बादल में
दुनिया के हर कोने में मैं, उड़ता हुआ पहुँच जाऊँ

पाँव पड़े ना ज़मीं पर मेरे, आसमान में खो जाऊँ
देखूँ सारी दुनिया को मैं, अपने पूरे अरमान कर जाऊँ
मेरे रब कुछ ऐसा कर दो, सबकी दिल से करूँ मदद
मैं अंतरय़ामी बन कर, सबका भाग्य बतलाऊँ

बच्चों जैसे बात करूँ मैं, ज़िद पर अपनी अड़ ज़ाऊँ
खाना पीना मान मनौवल, सब अपनी बातें मनवाऊँ
माँ जब प्यार से पुचकारे, झट उनके गले मैं लग जाऊँ
एक तमन्ना है ये मेरी, दिल में सबके बस ज़ाऊँ

दुनिया की सारी जनता को, सच्चाई का पाठ पढाऊँ
मन चंचल हो जाये सबका, ऐसे कुछ हालात बनाऊँ
नज़रें मिले तो दिल बोले, मैं तेरा हूँ तुम मेरे हो ना
सबकी दुनिया गगन मगन हो, इतना तो एहसास कराऊँ

आसमान से बारिश कर दूँ, जहां जहां बदहाली हो
सबके दिल को सुन्दर कर दूँ, हर जगह खुशहाली हो
दुनिया में इमान की दौलत, सबके दिल में भर दूँ मैं
भारत हो दुनिया का दिल, कुछ ऐसे काम करा जाऊँ


मोहम्मद तस्वीरूल इस्लाम


- हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें
6 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Rajiv Tyagi

423 कविताएं

View Profile

Anil Kumar

4215 कविताएं

View Profile

Sanjay Nirala

42 कविताएं

View Profile