दिल करता है मेरा मैं भी, आसमान मे उड़ जाऊँ
पँखो को फैला कर मैं, मीठे सपनों मे खो जाऊँ
चिडियों जैसे पंख फैला, घुमुं सारे बादल में
दुनिया के हर कोने में मैं, उड़ता हुआ पहुँच जाऊँ
पाँव पड़े ना ज़मीं पर मेरे, आसमान में खो जाऊँ
देखूँ सारी दुनिया को मैं, अपने पूरे अरमान कर जाऊँ
मेरे रब कुछ ऐसा कर दो, सबकी दिल से करूँ मदद
मैं अंतरय़ामी बन कर, सबका भाग्य बतलाऊँ
बच्चों जैसे बात करूँ मैं, ज़िद पर अपनी अड़ ज़ाऊँ
खाना पीना मान मनौवल, सब अपनी बातें मनवाऊँ
माँ जब प्यार से पुचकारे, झट उनके गले मैं लग जाऊँ
एक तमन्ना है ये मेरी, दिल में सबके बस ज़ाऊँ
दुनिया की सारी जनता को, सच्चाई का पाठ पढाऊँ
मन चंचल हो जाये सबका, ऐसे कुछ हालात बनाऊँ
नज़रें मिले तो दिल बोले, मैं तेरा हूँ तुम मेरे हो ना
सबकी दुनिया गगन मगन हो, इतना तो एहसास कराऊँ
आसमान से बारिश कर दूँ, जहां जहां बदहाली हो
सबके दिल को सुन्दर कर दूँ, हर जगह खुशहाली हो
दुनिया में इमान की दौलत, सबके दिल में भर दूँ मैं
भारत हो दुनिया का दिल, कुछ ऐसे काम करा जाऊँ
मोहम्मद तस्वीरूल इस्लाम
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