देश को मानवता की जागीर चाहिए
मुझको मेरा पूरा ही कश्मीर चाहिए
ना चाहिए कोई खुन खराबा ना ही कोई द्वेष
देश मे प्रेम और सौहार्द की तस्वीर चाहिए।
सेना के शौर्य की बात अलग है कुछ
देश के गणतंत्र की बात अलग है कुछ
बस एकता का जनता मे परिमाण चाहिए
धर्म जाति और लोभ रहित संसार चाहिए
देश की मिट्टी का तिलक माथे सजना चाहिए
देश प्रेम से ओतप्रोत जनमानस मन चाहिए।