अभी इस तरफ न निगाह कर मैं नजर की पलकें संवार लूँ ...
मेरी हर नजर हो आइना तुझे अपने दिल में उतार लूँ...
तुझे देखूं मैं फिर सुबह शाम...
बस खुदा से तुझको ही मांग लूँ...
-मोहम्मद मसूद अंसारी