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मैं भारत हूँ

Maya Sharma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अखंड, अटल, अविचलित हूँ
        
                                                    
                            
सत्य सनातन पालक हूँ
धर्म अहिंसा हैं, कर्म दया
शरणागत को देता छाया
मैं भारत हूँ, मैं भारत हूँ।
माँ कौशल्या का प्यार हूँ मैं
परशुराम की तलवार हूँ मैं
श्रवण जैसा सुकुमार हूँ मैं
विधुर का सत्कार हूँ मैं
हूँ जीत असत्य पर सत की
मैं भारत हूँ, मैं भारत हूँ।
शंकराचार्य का दर्शन यहाँ
हैं बुद्ध विचारों का मंथन जहाँ
जहाँ मोदी है, जहाँ योगी है
सब राष्ट्र प्रेम के रोगी हैं
मन के हैं पाक उद्गार जहाँ
मैं भारत हूँ, मैं भारत हूँ।
समत्व, बंधुत्व, सद्भावना
बिखरी है माटी के कण- कण में
है प्यार, समर्पण और दया
फैली है भारत के जन-जन में
जो आया यहीं का हो गया
नहीं रहा क्लेश किसी मन में
क्योंकि
मैं भारत हूँ, मैं भारत हूँ।
-माया शर्मा
एक वर्ष पहले
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