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हैप्पी स्माॅग डेज़ दिल्ली

Maya Agarwal

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मुफ़्त मिलेगा यहाँ सभी कुछ,
        
                                                    
                            
खर्च ना होंगे धेले।
मुफ़्त मिलेगा बिजली पानी,
मुफ़्त मिलेंगे चेले।।
मुफ़्त मिलेंगे मास्क तुम्हें अब,
मुफ़्त धुंध की झालर।
दिल्ली रानी नज़र लगे ना,
लो ओढ़ो काली चादर।।
बचपन,यौवन और बुढ़ापा,
मुफ़्त मिलेगी खांसी।
सांसों को भी यहाँ तुम्हारी,
मुफ़्त मिलेगी फांसी।।
धूल-धूल दिल्ली की धरती,
धुआँ-धुआँ है अम्बर।
सारी दिल्ली हांफ रही है,
बनी गैस का चैम्बर।।
रन फार युनिटी सफल बनाएं,
चलो लगाएं दौड़।
जाति धर्म के भेद भुलाकर,
चलो चलें कहीं और।।
माया अग्रवाल (वीणा)


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6 वर्ष पहले
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