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फतवा लगता है

Maroof Hassan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            इसी छोर पर तूफानों का मजमा लगता है
        
                                                    
                            
घर डूबते हैं लहरों में तो सदमा लगता है
अफ़सोस उस काफिर से कोई कुछ नहीं कहता
मेरी ही जुबां पर जाने क्यों फतवा लगता है

मारुफ आलम


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6 वर्ष पहले
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