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भूल गये सब संगी साथी..

Manu Sinha

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            भूल गये सब संगी साथी, भूल गये सब चौकड़ियाँ,
        
                                                    
                            
तीन बातें याद रहीं, कोरोना मास्क और बंद किवड़ियाँ।
दर्द बहुत देखे हमने, कुछ इधर खड़े कुछ उधर खड़े,
हाँथो से हाथ ना मिल पाये, सबके चेहरों पे मास्क चढ़े।
न हम पास आयें, न तुम पास आओ,
न हाथ मिलाओ न गले लगाओ,
अकेले रहो और अकेले ही खाओ,
दूरियाँ बढ़ाओ बस दूरियाँ बढ़ाओ।
वाह कोरोना वाह, कैसी तुमने जुगत बनाई,
नाक बही और खांसी आयी,
बदन तुम्हारे ने अगर ली अगंडायी,
दे देंगे तुम्हे सबसे जुदाई।

- Urmila Sinha


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