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उपासना

Manoj Sinha

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बसा कर
        
                                                    
                            
हृदय में
तेरी ही मूर्ति
हे!देव
अर्पित है
समग्र विनम्र
श्रद्धा-भाव
और स्तुति
तेरी उपासना से
मैं पा जाता हूं
नित्य तेरी प्रतिध्वनि
यह ध्वनी दे जाती है
जीवन की निश्छलअनुभूति।।
2 वर्ष पहले
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