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सागर से बातें

Manoj Sinha

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मैंने पूछा
        
                                                    
                            
एक दिन सागर से
तुम! शोर बहुत करते हो
उसने बड़े भोलेपन से कहा
मैं तो ख़ामोश ही रहता हूं
मुझमें मिलने वाली नदियां
मुझमें मिलकर आपस में
अपने मूल से बिछड़ने के दुख
और सागर से मिलने के सुख
से जुड़ी बातें
आपस में करती हैं
मैं तो चुपचाप , मौन होकर
उनकी बातों को सुनता रहता हूं
उनकी बातों को....
2 वर्ष पहले
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