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रूहानियत

Manoj Sinha

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जज़्बातों को
        
                                                    
                            
अहसासों को
रूहों को
दिल के सौगातों को
महसूस कीजिये
पहले जनाब
फिर पाईये
तरन्नुम का मजा
ज़िंदगी में बेहिसाब
ग़ौरतलब ये होगा
भीड़ से निकालना होगा
ख़ुद से ही
ख़ुद को समझना होगा
ख़ुद को ही॥
3 वर्ष पहले
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