नूपुर पायजेब का
कांति भर चमक रहा
बीते कई साल
तुम्हारे आगमन की
बाट जोह रहा
सूना है
सब- कुछ
उदास है, पग
मन का श्रृंगार भी
खोया- खोया सा है
आओगे जब भी तुम
नूपुर बजेगी
बार -बार
खुशी में छन -छन
खुशी में छन- छन ।।
-मनोज सिन्हा