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हृदय का सौंदर्य

Manoj Sinha

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हृदय तो होता है
        
                                                    
                            
पावन- पवित्र
सद्व्यवहारों से मानव
भरता है, हृदय में
सौंदर्य -अमित
अधर जब बिहंसते हैं
अपरिचित को भी आकर्षित
सहज ही कर लेते हैं
मोहते हैं, सबका मन
अव्यक्त रह कर मौन
हृदय तो होता है
पावन- पवित्र।।
मधुर, मीठे शब्द
गढ़ते हैं ,प्रेम के बंध
बांधते नेह के डोर से
हृदय के अदृश्य तार
भर कर मन में असीम स्वाद
फिर भी अतृप्त होता है, मन
चाहता हृदय का सौंदर्य
जीवन में बार बार
जीवन में बार- बार।।

हृदय तो होता है
पावन -पवित्र
सद्व्यवहारों से! मानव
भरता है ,हृदय में
सौंदर्य -अमित।।
-मनोज सिन्हा
 
2 वर्ष पहले
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