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द्वंद्व

Manoj Sinha

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मिटाकर सारे विकार
        
                                                    
                            
संग्रहित किया साभार
फिर भी मौन ओढ़े रहे
अव्यक्त रहे सदा
कभी अभिव्यक्त न हो सके
द्वंद्व के तिमिर में
ढूंढते रहे तुम प्रकाश।।
3 वर्ष पहले
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