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भावों की अभिव्यक्ति

Manoj Sinha

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कुछ लिखो
        
                                                    
                            
दीवाना बनकर
कुछ फ़रियाद करो
परवाना बनकर
आदत लिखने की
हुनर बातें कहने का
छोड़ो नहीं
लाओ कलम कागज़ को
साथ साथ
दोनो के मध्य समझौता है
चलने का साथ-साथ
कह रहे हो तो
लिख देता हूं
भावनाओं को
कलमबद्ध कर
भेजता हूं! तुम्हारे पास
प्रेम और सौहार्द की सौगात!!
2 वर्ष पहले
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