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आंख मिचौली

Manoj Sinha

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            घन में छिप कर
        
                                                    
                            
शशि ओझल हो जाता
बार-बार
पुनः निकल घन से
विहंसता शशि बार-बार
शशि घन की आंख मिचौली
चलती रहती निरंतर निर्बाध
मानो छुआ-छुई खेल चल रहा हो
शशि घन का बचपन हर बार
शशि घन का बचपन हर बार.....
2 वर्ष पहले
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