विज्ञापन

बेटा बेटी एक समान

Manoj Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बेटी बचाने की बातें तो
        
                                                    
                            
हम सब मिलकर करते हैं,
पर बेटों के मन का दुख
कभी कहाँ हम पढ़ते हैं।।

बेटी घर की प्यारी होती है ,
बेटा भी तो अपना ही है,
दोनों से ही जीवन सजता,
दोनों ही अपना सपना है।।

बेटे भी कुछ दर्द छुपाकर
हँसते रहते हैं चुपचाप ,
दिल में कितनी बातें होतीं,
कह न पाते अपने आप।।

क्यों न ऐसा समय बनाएँ
जहाँ मिले सबको सम्मान,
न बेटी रहे कम,न बेटा कम,
दोनों हैं घर की पहचान।।

सच्चा संदेश यही रहेगा
पहुंचे हर घर तक यह बात
बेटी हो या बेटा अपना,
दोनों हैं अनमोल सौगात।।
- एम के सिंह
3 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all