बापू जी आपको कोटि-कोटि प्रणाम,
सत्य और अहिंसा का दिया अविराम।।
चरखे की धुन में ही गूँजी आज़ादी,
त्याग - बलिदान से मिली खुशहाली।।
सदैव सादा जीवन,और ऊँचे विचार,
भरत वर्ष को आपने दिए हैं संवार।।
आपने सदा अंधियारे में हैं दीप जलाए,
गुलामी की जंजीरें तोड़ गोरे को भगाए।।
आप हैं आज भी मानवता के प्रतीक,
आपके अमृत वाणी से मिलते हैं सीख।।
2 ऑक्टोबर है गांधी जयंती का पावन त्योहार,
गांधी जी आज आपसे ही है रोशन संसार।।
-एम के सिंह