विज्ञापन

सर्जिकल स्ट्राइक और मोदी

Manoj Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            *सर्जिकल स्ट्राइक और मोदी*
        
                                                    
                            

सौर मचाकर लगाकर नारे, करते थे जो हमले सारे
मकबूल जवाब अब मिला है प्यारे, दिख गए दिन में तारे

उगले न बने निगले न बने, आफत के है बादल घने
कुचले जाएंगे सब नाग फने, चबा लिए लोहे के चने

बुलंद हर नर नारी है, जिसकी गवाह दुनिया सारी है
पी ओ के पे हम भारी है, अब पाकिस्तान की बारी है

भगीरथ अवतार लिया, जो गंगा को धरा पे उतार दिया
तेरे रक्त की धार लिया, सहीद आत्माओ को तार दिया

वो मौलवी पंडित पॉप नही, इरादों से मजबूत तोप नही
उसपर कोई भी आरोप नही, उसे दुनिया का खौफ नहीं

ईंट का जवाब पत्थर सुना है, इसी कथ्य को चुना है
ये तो सिर्फ नमूना है, असली जवाब तो कई गुना है

सुनो पाकिस्तानियों ध्यान से, कह दो यह इमरान से
हम तो जियेंगे सान से, तुम हाथ धो बैठोगे जान से

हमारी जो बुलंद आवाज है, इसमें भी गहरा राज है
हमे खुद पर ही नाज है, क्योंकि पास हमारे मिराज है

सायद तुझे भी यह याद है, यह कईवर्षों का विवाद है
जब तक तू आबाद है, इस जग में आतंकवाद है

फल मिला वही जैसा कर्म है, पर हम अभी भी नर्म है
मान ले की मानवता श्रेष्ठ धर्म है, अगर थोड़ी भी शर्म

मनोज कुमार पुरोहित
अलीपुरद्वात (पश्चिम बंगाल)


हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें
7 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Dr fouzia

6854 कविताएं

View Profile

RATAN KUMAR

613 कविताएं

View Profile