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राखी का त्यौहार

Manoj Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बहनों के लिए खुशी का सामान है राखी,
        
                                                    
                            
भाई के दिल में बहनों का अरमान है राखी,
सावन के उत्सवों में ये सबसे न्यारा दिन,
स्नेह और दुलार का वरदान है राखी।।

पावस की सुधा पीकर गदगद मिजाज़ में,
जैसे धरा की हरियाली मुस्कराती है,
सजती हैं जब कलाई में ये रंग बिरंगा,
गुलशन से निकल बनती ये गुलदान है राखी।

भाई के लिए नैनों में सपने सजाए,
पुष्प दीप आरती उतारती बहना,
प्यार की उपहार से भर जाती थालियां,
सूरज की पहली किरन सी मुस्कान है राखी।

धागों के रेशे रेशे में जो स्नेह पनपती
रंगीन मोतियों से जो विश्वास बरसती
उमंग की नयी रंग भरती है फिजाओं में
भाई बहन के स्नेह का सम्मान है राखी।

बहनें तो एक दिन में ही जी लेती हैं सदियाँ,
भाई के मन के सिंधु में उत्साह की नदियाँ,
चमन- अमर -स्नेह सदा खिलती रहे
आती ये अतः बनके बागबान है राखी।।
10 घंटे पहले
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