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इश्क और बारिश

Manoj Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            इश्क और बारिश के जो अफसाने हैं,
        
                                                    
                            
जो मन से भीगे, सिर्फ वो ही जाने हैं!

बूंदें पावस की गालों से टकरा टकराकर,
दिल की इकतारे में छेड़ते मीठे तराने हैं !

सर-सर हवाओं की छूए जब कानों को
धड़कन की हर"धक"में नाचते दीवानें हैं!

रिमझिम सावन की टिप-टिप -टिप -टिप में,
प्रियतमा की पांवों के घुंघरुओं के खजाने हैं!

बादल जब गरजे दो दिल एक हो गए,
नज़रों से मिल जाते, खूबसूरत नजराने हैं!
3 महीने पहले
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