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जेन -जी

Manoj Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            शहर में इक तूफान आया है,
        
                                                    
                            
जद में राजा का मकान आया है।

न जाने कब दरारें दिवारों पर पड़े
जलजला,करते हुए हैरान आया है।

बदल जाएंगे,नियत जो बिगड़ी थी,
वो हाथ, पकड़ने को, गिरेबान आया है।

चिंगारी जो दबी थी,बूझी राख में
बनकर आग,राहे - निशान आया है।

राज और नीति के बीच का छल
समझाने ,युवा दल,ठान आया है।
2 महीने पहले
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