अपनी खुशबू बिखेर देता है,
फूल बिखर जाने के बाद!
हवाओं की ही बलैंया लेता है,
फूल ,बिखर जाने के बाद!
कुचल दिये जाते हैं और
मसल भी दिए जाते हैं,
दर्द पंखुडियों में भर लेता है
फूल, बिखर जाने के बाद!
बिछकर किसी राह में
स्वागत और सत्कार में
पांवों को ऊर्जा देता है
फूल, बिखर जाने के बाद!
देव शीश और देव पग में
सभी संबंधो के रग रग में
अपना रंग भर देता है
फूल, बिखर जाने के बाद!
स्वयं को कभी न कहा अपना
औरों के लिए मिटना सपना
जीवन की सीख भर देता है
फूल, बिखर जाने के बाद!!