विज्ञापन

भारतीय सेना थी

Manohar singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मुसीबत में फसी, हाथ हिलाती हर औरत बहना थी,
        
                                                    
                            
देवदूत बनकर पहुंची, वह भारतीय सेना थी l

कोई मुसीबत देश पर आये, हर विपदा वह मेरी थी,
यह हर दम कहने वाली, केवल भारतीय सेना थी l

सब को संभाला और बचाया, हर दम चौकस रहती थी,
पत्थर मार को भी गले लगाती, वह भारतीय सेना थी l

बाड़ भूकम्प चाहे जंग हो, सीना ताने रहती थी,
अपना सर्वस्व त्यागने वाली, केवल भारतीय सेना थी l

ऊँच - नीच व भेद-भाव को, नहीं कभी वह रखती थी,
रोग द्वेष को भी सहने वाली, केवल भारतीय सेना थी l

हर राष्ट्र पीड़ा को, स्व पीड़ा वह कहती थी,
निःस्वार्थ सेवा के लिए खड़ी, केवल भारतीय सेना थी l
 - मनोहर सिंह जामलिया
2 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Mamta Tiwari

650 कविताएं

View Profile

malti gupta

16 कविताएं

View Profile

Md Iftekhar

4 कविताएं

View Profile