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सफल और असफल लोग

Manmohan Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मनुष्य का एक स्वभाव होता है
        
                                                    
                            
सोच विचार कर करना और वो ऐसा करता है
परंतु हर कोई अपने निर्णय का परिणाम पाने में समर्थ नहीं हो पता है
क्यों कुछ लोग ही समर्थ हो पाते हैं
क्या अपने कभी सोचा है
कुछ लोग ही इस संसार को बदल पाते हैं
ऐसा क्या है जो इन कुछ लोग में ही पाए जाता है
सबों में नहीं

ऐसा इसीलिए ऐसे लोग अपने सोच और अपने सामर्थ से
दुनिया को दुनिया की सोच बदल देते हैं
इसीलिए ये सफल होते हैं
और असफल वो होते है जो संसार की डर से
अपने सोच अपने अपने निर्णय को बदल लेते हैं
इसीलिए ये सफल ना हो कर असफल होते हैं

यही अंतर है सफल और असफल लोगों में
इसीलिए सफल होना है तो
लक्ष्य तक पहुंचने का मार्ग बदले लक्ष्य नहीं
तभी आप उन कुछ लोगों में शामिल हो सकते हैं
जो दुनिया को बदलने की ताकत रखते हैं।।

- मनमोहन सिंह
 
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